
Prayagraj me Ghumne ki Jagah: प्रयागराज, जिसे पहले इलाहाबाद के नाम से जाना जाता था, उत्तर प्रदेश का एक ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक शहर है। यह शहर न सिर्फ त्रिवेणी संगम – गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती नदियों के संगम के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि अपने प्राचीन मंदिरों, ऐतिहासिक किलों, आश्रमों और आधुनिक पर्यटक जगहों के लिए भी जाना जाता है।
Table of Contents
प्रयागराज घूमने की कुछ प्रमुख जगहें (Prayagraj me Ghumne ki Jagah) निम्नलिखित हैं।
1. त्रिवेणी संगम – प्रयागराज की आत्मा

त्रिवेणी संगम प्रयागराज की सबसे पवित्र और मशहूर जगह है। यह गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदियों का संगम है।
यहां क्यों जाएं
- माना जाता है कि यहां पवित्र डुबकी लगाने से सारे पाप धुल जाते हैं।
- यह कुंभ मेला और माघ मेला त्योहारों का मुख्य केंद्र है।
- यहां सूर्योदय और सूर्यास्त का नज़ारा बहुत खूबसूरत होता है।
घूमने का सबसे अच्छा समय: सुबह 5 बजे से 8 बजे तक और शाम को 4 बजे से 6 बजे तक
2. हनुमान मंदिर (लेटे हुए हनुमान जी)

प्रयागराज में यह हनुमान मंदिर अनोखा है क्योंकि यहां भगवान हनुमान जी की मूर्ति लेटी हुई अवस्था में है। इनको हनुमान जी भी कहा जाता है
मान्यता:
यह मंदिर शहर को बाढ़ से बचाता है।
3. आनंद भवन
आनंद भवन भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का घर था। आज यह एक म्यूज़ियम है।
यहां क्या देखें:
- आज़ादी की लड़ाई से जुड़े दस्तावेज़
- नेहरू-गांधी परिवार का पर्सनल सामान
- ऐतिहासिक फ़ोटो और वीडियो
4. प्रयागराज का किला

प्रयागराज किले को मुगल बादशाह अकबर ने बनवाया था। यमुना नदी के किनारे स्थित यह किला अपनी शानदार वास्तुकला के लिए जाना जाता है।
मुख्य आकर्षण:
- अक्षयवट वृक्ष
- पातालपुरी मंदिर
- सरस्वती कुआँ
यह किला इतिहास पसंद करने वालों के लिए एक खजाना है।
5. चंद्रशेखर आज़ाद पार्क (अल्फ्रेड पार्क)

यह पार्क स्वतंत्रता सेनानी चंद्रशेखर आज़ाद की शहादत की जगह के तौर पर जाना जाता है।
यह खास क्यों है:
- हरियाली और शांति
- ऐतिहासिक महत्व
- परिवारों और बच्चों के लिए अच्छी जगह
6. खुसरो बाग – मुगल वास्तुकला का एक मॉडल
खुसरो बाग एक खूबसूरत बगीचा है जहाँ मुगल राजकुमार खुसरो का मकबरा है।
यहाँ क्यों जाएँ:
- शानदार मुगल वास्तुकला
- फोटोग्राफी के लिए बेहतरीन
- एक शांत और कम भीड़ वाली जगह
7. मनकामेश्वर मंदिर

यमुना नदी के किनारे स्थित यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है।
विशेषताएं:
- शांतिपूर्ण माहौल
- श्रावण महीने में खास भीड़
- महिलाओं द्वारा विशेष प्रार्थनाएं की जाती हैं
8. नया यमुना पुल और पुराना नैनी पुल

अगर आप प्रयागराज के नज़ारे देखना चाहते हैं, तो इन पुलों से शहर के नज़ारों का मज़ा ज़रूर लें।
इसके लिए सबसे अच्छा:
- शाम की सैर
- फोटोग्राफी
- नदी के नज़ारे पसंद करने वालों के लिए
9. प्रयागराज संग्रहालय
यह संग्रहालय चंद्रशेखर आज़ाद पार्क के अंदर स्थित है।
यहां आपको ये चीज़ें मिलेंगी:
- प्राचीन मूर्तियां
- स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित कलाकृतियां
- लोक कला और पेंटिंग
10. सरस्वती घाट
सरस्वती घाट हाल के दशकों में विकसित किया गया एक सुंदर पर्यटन स्थल है।
आकर्षण:
- शाम की आरती (पूजा समारोह)
- रोशनी और सजावट
- उत्कृष्ट बैठने की व्यवस्था
प्रयागराज घूमने का सबसे अच्छा समय
- अक्टूबर से मार्च: सबसे अच्छा समय
- हर 12 साल में एक बार: कुंभ मेला
प्रयागराज कैसे पहुँचे?
रेलवे:
इलाहाबाद और छेओकी प्रमुख रेलवे स्टेशन हैं।
सड़कें:
लखनऊ, वाराणसी और कानपुर से अच्छी बस सेवा उपलब्ध है।
हवाई मार्ग:
बमरौली एयरपोर्ट (घरेलू उड़ानें)
प्रयागराज यात्रा के टिप्स
- संगम में नहाते समय सावधान रहें।
- गर्मियों में खिलौने वाली नावें मिलती हैं।
- त्योहारों के मौसम में अपना होटल पहले से बुक कर लें।
निष्कर्ष
यह सिर्फ एक शहर नहीं है, बल्कि आस्था, इतिहास और संस्कृति का संगम है। इसके धार्मिक स्थल, ऐतिहासिक स्मारक और प्राकृतिक नज़ारे हर विज़िटर को एक अनोखा अनुभव देते हैं।